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Gems and jewellery sector likely to remain flat

रत्न, आभूषण क्षेत्र में कारोबार सपाट रहने की संभावना

कोलकाता। रत्न और आभूषण क्षेत्र नकदी की कमी से परेशान है और वित्तीय निधि जुटाने में कठिनाइयों का सामना कर रहा है। इसलिए इस क्षेत्र के कारोबार का वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष के अंत तक सपाट रहने का अनुमान है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उद्योग को निर्यात में वृद्धि के लिए अब क्रिसमस पर होनेवाली बिक्री से उम्मीद है। 

रत्न और आभूषण निर्यात संबर्धन परिषद (जीजेईपीसी) के कार्यकारी निदेशक सब्यसाची राय ने यहां कहा, "हम वित्त पोषण को लेकर कुछ चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। हम सरकार और बैंक के साथ मिलकर इसका समाधान कर रहे हैं। हमारे क्षेत्र के रिस्क प्रोफाइल में वृद्धि हुई है और इस क्षेत्र की वृद्धि इस प्रोफाइल पर आधारित है। बैंक कुछ नियम लागू कर रहे हैं और अधिक जमानत की मांग कर रहे हैं।"

उन्होंने कहा, "यह जमानत कुल सीमा का करीब 20-25 फीसदी होता है और हम इसे और 10-15 फीसदी तक बढ़ाने के लिए तैयार हैं, जो कि परिदृश्य के आधार पर निर्भर करता है।" परिषद के अध्यक्ष प्रमोद कुमार अग्रवाल ने देश के पहले आभूषण बिक्रेता निर्माता सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि इस क्षेत्र को बैंकों ने करीब 60,000 करोड़ रुपये का कर्ज दिया है, लेकिन नकदी की आपूर्ति एक समस्या बनी हुई है। 

पिछले साल अप्रैल-अक्टूबर की अवधि में कुल रत्न और आभूषण निर्यात करीब 41 अरब डॉलर का हुआ था, जबकि चालू वित्त वर्ष की समान अवधि में इसमें 1.48 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। 

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