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Demonetisation Protest

नोटबंदी के खिलाफ कांग्रेस का आरबीआई के बाहर प्रदर्शन

नई दिल्ली। नोटबंदी को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के सामने प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को शुक्रवार को पुलिस ने हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को पुलिस संसद मार्ग थाने ले गई। यह जानकारी कांग्रेस की एक नेता ने ट्वीट के जरिए दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर, 2016 को उस समय चलन में रहे 1,000 रुपये और 500 रुपये के नोट पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री के इसी फैसले के खिलाफ कांग्रेस देशभर में विरोध प्रदर्शन कर रही है। 

कांग्रेस ने एक बयान में कहा कि विरोध-प्रदर्शन का मकसद मोदी के शासन काल में पिछले दो साल के दौरान राष्ट्र की जो दुर्वस्था रही है, उसे उजागर करना है। कांग्रेस ने कहा, "यह विरोध प्रदर्शन मोदी सरकार द्वारा किए गए विमुद्रीकरण की विफलता के खिलाफ है, क्योंकि इसका गंभीर दुष्परिणाम देश की आम जनता को झेलनी पड़ी है।" पुलिस प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर उन्हें संसद मार्ग थाने ले गई। 

अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सुष्मिता देव ने ट्वीट के जरिए बताया, "आरबीआई के सामने गिरफ्तार किया गया। दिल्ली पुलिस को बढ़ते अपराध में इतनी सक्रियता से कार्रवाई करते कभी नहीं देखा, जितनी सक्रियता उन्होंने विमुद्रीकरण आपदा के खिलाफ प्रदर्शन करते समय हमलोगों को गिरफ्तार करने में दिखाई है।" देव के अलावा पुलिस ने जिन कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया, उनमें अशोक गहलोत, आनंद शर्मा, मुकुल वासनिक, भूपेंद्र सिंह हुड्डा, केशव यादव, मनीष चत्रथ और नसीब सिंह शामिल थे। कांग्रेस ने दिल्ली के अलावा, गुवाहाटी, चंडीगढ़, ओडिशा, कर्नाटक और तमिलनाडु के कोयंबटूर में भी नोटबंदी के खिलाफ प्रदर्शन किया। 

इससे पहले नोटबंदी की दूसरी बरसी पर गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सरकार के फैसले की तीखी आलोचना की। उन्होंने नोटबंदी को क्रूर षडयंत्र और आपराधिक वित्तीय घोटाला करार दिया। अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने भी नोटबंदी के फैसले की निंदा की। तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए कहा कि नोटबंदी से अनौपचारिक अर्थव्यवस्था को नुकसान हुआ। 

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