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गंगा दशहरे पर उमड़ी आस्था, ब्रजघाट और तिगरी में लगाई डुबकी

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  • गंगे के पावन तट पर पहुंचे और हर हर गंगे के उद्घोष व मां गंगे को नमन करते हुए आस्था की डुबकी लगानी शुरू कर दी
  • घाटों पर मौजूद पुरोहित भी कथा-हवन करने के साथ श्रद्धालुओं की सेवा में लगे थे, बदले में श्रद्धालु दान पुण्य कर रहे थे
  • तिगरी गंगातट पर भी इस मौके पर श्रद्धालु मां गंगे को नमन करते हुए आस्था की डुबकी लगा रहे थे
  • जैसे जैसे सूर्यदेव का प्रकाश फैलता गया, वैसे ही माँ गंगे के घाटों पर श्रद्धालुओं की रौनक भी बढ़ती जा रही थी
  • ज्येष्ठ गंगा दशहरा के मौके पर श्रद्धालु स्नान को ब्रजघाट उमड़ पड़े, यहां भोर से ही स्नान शुरू हो गया

जब-जब धर्म की हानि होती है, प्रभु धरा पर अवतरित होते है

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  • दिल्ली में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्रीराम कथामृत का आयोजन किया जा रहा है
  • संस्थान के संस्थापक एवं संचालक सर्व श्री आशुतोष महाराज जी के शिष्य एवं शिष्याएँ इस कथा को प्रस्तुत कर रहे हैं
  • इसी तरह जब मनुष्य का जीवन धर्म पथ से च्युत हो जाता है तो ईश्वर का अवतरण होता है
  • दिवस कथा प्रसंग का वर्णन करते हुए कथा वाचिका सुश्री पदमहस्ता भारती जी ने प्रभु श्री राम के दिव्य प्राकट्य का वर्णन किया
  • पुनः धर्म के पथ पर ले जाने के लिए। कथा को व्यक्त करते हुए उन्होंने प्रभु श्रीराम के जन्म को रसमय ढंग से व्यक्त किया

धर्म प्रदर्शन नहीं अपितु दर्शन का विषय : साध्वी आस्था भारती

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  • संस्थान द्वारा अनेकों आध्यात्मिक व सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से हो रहा समाज निर्माण
  • संस्थान आज विश्व शांति, बंधुत्व एवं एकता की स्थापना की ओर बढ़ रहा है : साध्वी आस्था भारती 

2100 महिलाओं ने उठाया कलश, किया मंत्रोच्चारण, वातावरण धर्ममय

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  • 15 से 21 अप्रैल तक हुडा मैदान, सेक्टर 9, गुरुग्राम में श्रीमदभागवत कथा 
  • श्रीमद भागवत कथा को लेकर शहर में श्रद्धालुओं में देखा गया विशेष उत्साह

विचारों में एकाग्रता ही सफल एवं सुखद जीवन का मूलमंत्र

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  • ध्यान पद्धति द्वारा ही मानसिक तनाव और दुखों से मुक्त हुआ जा सकता है 
  • बिखरे हुए मन को एकत्रित कर परम शांति प्रदान करता है ध्यान 
  • ध्यान साधना द्वारा ही एक शिष्य अपने विचारों को सत्यनिष्ठ, दृढ़ एवं स्थिर बनाने में सक्षम 

हम किसी का दिल क्यों न दुखाएं : श्रीआशुतोष महाराज

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हर्षोल्लास मनाई श्रीरामभक्त हनुमान की जयंति

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भक्ति, सेवा एवं त्याग की प्रतिमूर्ति हैं श्रीराम दूत हनुमान

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  • भगवान महावीर हनुमान भक्ति एवं समर्पण की प्रतिमूर्ति है
  • जीवन अर्पण कर गुरु सेवा में, हनुमंत ने अचल भक्ति का वरदान पाया

भगवान महावीर से जुड़े तथ्यों से आप भी क्यों हैं अंजान

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  • जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर का हुआ था जन्म 
  • तीस वर्ष की आयु में महावीर ने संसार से विरक्त होकर राज वैभव त्याग दिया
  • भगवान महावीर के मोक्ष दिवस को दीपावली के रूप में मनाता है जैन समाज

इस मंगलवार करिए हनुमान जी का एक उपाय, दूर हो जाएगी दरिद्रता

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  • श्रीराम भक्त हनुमान जी का नाम स्मरण करने से कई प्रकार कष्ट मनुष्य को कष्टों अथवा दुखों से छूटकारा मिल जाता है।
  • श्रीरामचरित मानस के अनुसार हनुमानजी को माता ने अमरता का वरदान दिया है।
  • कलियुग में हनुमानजी को जागृत अवस्था में माना गया है।
  • मान्यता है कि वे ही ऐसे देवता हैं जो आज भी इस भू लोक पर साक्षात उपस्थित हैं।
  • ऐसे भगवान हैं जो अपने भक्त द्वारा सच्चे मन से किए गए छोटे से कार्य से भी बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाते है और सभी परेशानियों को दूर कर देते हैं।

सुबह-सुबह करें रामभक्त हनुमान के इन नामों का जाप, चमक उठेगी किस्मत

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  • महाबली हनुमान हिन्दू देवी देवताओं में सबसे बलशाली देवताओ में से एक है।
  • मान्यता है की हनुमानजी भगवान् श्री शिव शंकर के रूद्र अवतार हैं।
  • वो राम के परम भक्त और उनकी भक्ति में रहने के लिए धरती पर अवतरित हुए हैं।
  • इन्हें संकट मोचक के नाम से भी पुकारा जाता है क्योंकि ये अपने परम भक्तों को हर संकट से उबार लेते हैं। 
  • धर्म ग्रंथों के अनुसार, चैत्र मास की पूर्णिमा पर हनुमान जयंती का पर्व मनाया जाता है।
  • इस बार ये पर्व 31 मार्च, शनिवार को है। 

विपत्तियों में मुस्कुराते हुए शांति से बाहर निकल आना ‘आर्ट ऑफ़ लाइफ’ है

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  • सकारात्मकता, कर्मठता एवं धैर्य एक दृढ़ साधक के आभूषण हुआ करते है 
  • दृढ़ निश्चयी एवं संकल्पवान शिष्य तूफानों के रुख को बदलने की क्षमता रखते है
  • थक कर न बैठ ए मंज़िल के मुसाफिर, मंज़िल भी मिलेगी और मिलने का मज़ा भी आएगा
  • भक्ति द्वारा मन, चित्त एवं आत्मा का उत्थान करें 
  • रख हौसला वो मंज़र भी आएगा, प्यासे के पास चलकर समंदर भी आएगा

नौंवा दिन: आज करें मां सिद्धिदात्री की पूजा, हर काम होंगे सिद्ध

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  • नवरात्रि की देश भर में धूम मची हुई है। नौंवें दिन मां दुर्गा के नौवें स्‍वरूप सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है।
  • मां सिद्धिदात्री सभी प्रकार की सिद्धियों की दाती हैं, इसीलिए ये सिद्धिदात्री कहलाती हैं।
  • नवरात्रि के नौवें दिन इनकी पूजा और आराधना की जाती है।
  • मां सिद्धिदात्री की पूजा करने से रूके हुए हर काम पूरे होते हैं और हर काम में सिद्धि मिलती है।

नवरात्र के आठवें दिन करें मां महागौरी की पूजा, नहीं आएगी शादी-विवाह में कोई बाधा

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  • नवरात्र के आठवें दिन मां के आठवें स्‍वरूप महागौरी की पूजा की जाती है।
  • शंख और चन्द्र के समान अत्यंत श्वेत वर्ण धारी महागौरी मां दुर्गा का आठवां स्वरूप हैं।
  • कठोर तपस्या के बाद मां महागौरी ने शिवजी को अपने पति के रूप में प्राप्त किया था।
  • महागौरी की अराधना से भक्तों के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। 
  • भक्त जीवन में पवित्र और अक्षय पुण्यों का अधिकारी बनता है।
  • नवरात्रि के नौ दिनों तक कुंवारी कन्याओं को भोजन करवाने का विधान है। 
  • इस दिन मां को चुनरी भेंट करने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

नवरात्री पूर्ण होने पर कन्या पूजन में बच्चियों को दें ये खास गिफ्ट

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  • इस बार मार्केट में जहां कुछ खास गिफ्ट देखने को मिल रहे हैं, तो वहीं कई लोग ऑनलाइन भी कन्याओं के लिए शॉपिंग कर रहे हैं
  • लड़कियां आसानी से मिलती नहीं है क्योंकि हाइजीन की चिंता के कारण पैरेंट्स अपने बच्चों को दूसरों के यहां भेजना नहीं चाहते
  • एक मिठाई और थोड़ी सी नमकीन होती है, इसके अलावा कुछ लोग सेंधा नमक वाले 10 रुपए के आलू चिप्स या वेफर्स लेना पसंद करते हैं
  • मानें तो लोगों का बजट 50 रुपये से कम का ही होता है, इसी के चलते वे 30-40 रुपए की 9 थालियां या प्लेटें ही खरीद लेते हैं
  • अब लोग कपड़े और राशन से लेकर कन्या पूजन के गिफ्ट्स तक के लिए ऑनलाइन मार्केट का रुख कर रहे हैं

नवरात्रि के सातवें दिन होती है शत्रुओं का नाश करने वाली मां कालरात्रि की उपासना

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  • नवरात्रि के सातवें दिन इन्हीं की उपासना का विधान है। मान्यता है कि उनकी आराधना से मनुष्यमात्र की सभी विघ्न-बाधाएं और पाप नष्ट हो जाते हैं।
  • उनका साधक अक्षय पुण्यलोक की प्राप्ति करता है। दुर्गा सप्तशती के अनुसार, नवरात्रि के सातवें दिन से साधक के लिए सिद्धियों का द्वार खुलने लगता है।
  • जैसा कि नाम है, मां कालरात्रि के शरीर का वर्ण घने अंधकार की भांति काला है।  उनका रूप विकराल है। उनके बालबिखरे हुए हैं। 

छठी नवदुर्गा मां कात्यायनी की पूजा से बनते हैं विवाह के योग

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  • उपासना से मनुष्यों को बड़ी सरलता से अर्थ, धर्म, काम, मोक्ष चारों फलों प्राप्त होते हैं
  • एक पौराणिक मान्यता है कि गोपियों ने श्रीकृष्ण को पाने के लिए इनकी पूजा की थी
  • विवाह में विलम्ब हो रहा हो तो उन्हें मां कात्यायनी के मंत्रों का जाप करना चाहिए

मां दुर्गा का पंचम रूप स्कंदमाता: एक पूजन से मिलेगा दोहरा लाभ

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  • पहाड़ों पर रहकर सांसारिक जीवों में नवचेतना का निर्माण करने वालीं स्कंदमाता। 
  • नवरात्रि में पांचवें दिन इस देवी की पूजा-अर्चना की जाती है। 
  • स्कंद कुमार कार्तिकेय की माता के कारण इन्हें स्कंदमाता नाम से अभिहित किया गया है। 
  • इनके विग्रह में भगवान स्कंद बालरूप में इनकी गोद में विराजित हैं। 
  • स्कंदमाता की उपासना से मन की सारी कुण्ठा जीवन-कलह और द्वेष भाव समाप्त हो जाता है। 
  • मृत्यु लोक में ही स्वर्ग की भांति परम शांति एवं सुख का अनुभव प्राप्त होता है। 
  • साधना के पूर्ण होने पर मोक्ष का मार्ग स्वत: ही खुल जाता है।

चैत्र नवरात्र : चौथे दिन होती है मां के 'कुष्माण्डा' स्वरूप की पूजा, मिलता है तेज और प्रताप

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  • अपने उदर से अंड अर्थात् ब्रह्मांड को उत्पन्न करने के कारण इन्हें कूष्मांडा देवी के नाम से पुकारा जाता है। 
  • नवरात्रि के चतुर्थ दिन इनकी पूजा और आराधना की जाती है। 
  • श्री कूष्मांडा कीउपासना से भक्तों के समस्त रोग-शोक नष्ट हो जाते हैं।
  • इनकी आराधनासे मनुष्य त्रिविध ताप से मुक्त होता है। 
  • माँ कुष्माण्डा सदैव अपने भक्तों पर कृपा दृष्टि रखती है। 
  • इनकी पूजा आराधना से हृदय को शांति एवं लक्ष्मी की प्राप्ति होती हैं।

आपने भी रखे हैं नवरात्रि व्रत तो भूलकर भी ना करें ये काम

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  • चैत्र नवरात्र का खास महत्व है क्योंकि इस महीने से शुभता और ऊर्जा का आरम्भ होता है।
  • ऐसे समय में देवी की पूजा कर उनसे सुख-समृद्धि की कामना करना बहुत शुभ माना गया है।
  • नव का शाब्दिक अर्थ होता है नौ। वहीं नव को नया भी पूकारा जाता है। वर्ष में दो बार नवरात्रों रखने का विधान है।
  • चैत्र मास में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नौ दिन अर्थात नवमी तक, ओर ठीक छ: माह बाद आश्विन मास, शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से विजयादशमी से एक दिन पूर्व तक मां दुर्गा की साधना और सिद्धि शुरू होती है।

बेहद कल्याणकारी है तृतीय नवदुर्गा मां चंद्रघंटा का यह मंत्र

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  • मां दुर्गा का तृतीय रूप श्री चंद्रघंटा है। इनके मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र है, इसी कारण इन्हें चंद्रघंटा देवी कहा जाता है।
  • इनके पूजन से साधक को मणिपुर चक्र के जाग्रत होने वाली सिद्धियां स्वतः प्राप्त हो जाती हैं तथा सांसारिक कष्टों से मुक्ति मिलती है।
  • इनकी आराधना से मनुष्य के हृदय से अहंकार का नाश होता है तथा वह असीम शांति की प्राप्ति कर प्रसन्न होता है।
  • माँ चन्द्रघण्टा मंगलदायनी है तथा भक्तों को निरोग रखकर उन्हें वैभव तथा ऐश्वर्य प्रदान करती हैं। उनके घंटों में अपूर्व शीतलता का वास है।

भारतीय नववर्ष, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा ऐतिहासिक गौरव का प्रतीक!

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  • देवभूमि भारत पर नववर्ष की नवप्रभात, ला रही संग अपने अखण्ड प्रभा की अनुपम सौगात!
  • चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर ही भारत की सामाजिक चेतना नववर्ष में प्रवेश करती है।
  • 1752 में, 1 जनवरी को नववर्ष के रूप में मनाने का प्रचलन अंग्रेजों ने ही भारत में किया आयात

चैत्र नवरात्र : द्वितीय नवदुर्गा मां ब्रह्मचारिणी की पूजन विधि, मंत्र और कवच

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  • जो दोनों कर-कमलों में अक्षमाला एवं कमंडल धारण करती हैं। वे सर्वश्रेष्ठ माँ भगवती ब्रह्मचारिणी मुझसे पर अति प्रसन्न हों।
  • माँ ब्रह्मचारिणी सदैव अपने भक्तों पर कृपादृष्टि रखती हैं एवं सम्पूर्ण कष्ट दूर करके अभीष्ट कामनाओ की पूर्ति करती हैं।
  • देवी दुर्गा का यह दूसरा रूप भक्तों एवं सिद्धों को अमोघ फल देने वाला है। देवी ब्रह्मचारिणी की उपासना से तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार, संयम की वृद्धि होती है।
  • मां ब्रह्मचारिणी की कृपा से मनुष्य को सर्वत्र सिद्धि और विजय की प्राप्ति होती है तथा जीवन की कई समस्याओं एवं परेशानियों से मुक्ति मिलती है। 

चैत्र नवरात्र : प्रथम नवदुर्गा माँ शैलपुत्री की पूजा विधि, मंत्र और कवच

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  • साल में चार बार आने वाली नवरात्रों में चैत्र और अश्विन मास ही प्रमुख होते हैं। अश्विन मास की नवरात्रे जिसे शारदीय नवरात्रे के नाम से भी जाना जाता है।
  • गुप्त नवरात्र वर्ष में आषाढ़ और माघ मास के शुक्ल पक्ष में आते हैं, गुप्त नवरात्रों में दस महाविद्याओं की पूजा की जाती हैं।
  • देवी दुर्गा के नौ रूप होते हैं। दुर्गाजी पहले स्वरूप में 'शैलपुत्री' के नाम से जानी जाती हैं। ये ही नवदुर्गाओं में प्रथम दुर्गा हैं।
  • पर्वतराज हिमालय के घर पुत्री रूप में उत्पन्न होने के कारण इनका नाम 'शैलपुत्री' पड़ा।
  • नवरात्र-पूजन में प्रथम दिवस इन्हीं की पूजा और उपासना की जाती है। 

चैत्र नवरात्रि : जानिए मंगल कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त और पूजन विधि

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  • चैत्र नवरात्रि 18 मार्च रविवार से शुरू हो रहे हैं। इन नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों आराधना की जाएगी।
  • नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा करने से लोगों को हर मुश्किल से छुटकारा मिल जाता है।
  • इस वर्ष नवरात्रि नौ दिन की ना होकर आठ दिन के हैं क्योंकि अष्टमी और नवमी एक ही दिन है।
  • इसके अलावा नवरात्रि रविवार से शुरू होकर अगले रविवार को संपन्न होंगे।
  • कई श्रद्धालु इन दिनों में अपने घर पर मंगल घट स्थापना करते हैं। अखंड ज्योति जलाते हैं। नौ दिनों का उपवास रखते हैं।

इन 9 मंत्रों और भोग से करें नवदुर्गा का पूजन, हर मनोकामना होगी पूरी

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  • नवरात्रि के नौ दिनों तक देवी दुर्गा की पूजा-आराधना का विधान है। 
  • इन बीज मंत्रों से प्रतिदिन की देवी के दिनों के अनुसार मंत्र जप करने से मनोरथ सिद्धि होती है।
  • देवी को अर्पित किया जाने वाला प्रसाद भी हमारी पूजा को सफल करने में बड़ी भूमिका निभाता है।

हाथ में धागा तो आपके भी बंधा होगा, क्या इसके महत्व को भी जानते हैं

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  • बचपन में मां जिस काले धागे को आपकी कमर में बांधती थी। बड़े हुए तो बाजू या कलाई में बांधा गया। घरों में पूजा-पाठ के बाद हाथ पर धागा बंधते हैं।
  • क्या कभी इसके बारे में सोचा है क्यों बांधा गया था। इसके बारें में लोगों की अलग-अलग राय होती है। कई लोग इसे भगवान का आशिर्वाद मानते हैं तो वहीं कई लोग इसे ऐसे ही बांधे रखते हैं।
  • आपको बता दें कि हिन्दू समाज में पवित्र सूत्र अपना ही महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। लोग इन्हें विभिन्न रूपों कलावा, रक्षा सूत्र और जनेऊ आदि के रूप में शरीर के विभिन्न अंगों में धारण करते हैं।
  • लोगों का विश्वास है कि ये पवित्र सूत्र उन्हें बुरी नजर और बुरी शक्तियों से बचाते हैं। साथ ही उनके स्वास्थ्य को ठिक रखने और जीवन में सुख-समृद्धि लाने में सहायक होते हैं। 

रविवार को इन नामों से करें सूर्य उपासना, मिलेगा सौभाग्य और समृद्धि

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  • सुबह की शुरुआत सूर्य देव को अर्घ्य देकर की जाती है। माना जाता है कि सूर्य देव कलयुग के जीवित देवताओं में से एक हैं जो हमारे सामने साक्षात हैं।
  • वेदों के अनुसार रविवार का दिन सूर्य उपासना के लिए श्रेष्ठ माना गया है। रविवार के दिन सूर्यदेवता की पूजा करने से अनेकों लाभ की प्राप्ति होती है।
  • सूर्य से ही इस पृथ्वी पर जीवन है तथा इन्हीं के द्वारा सम्पूर्ण सृष्टि का पालन किया जाता है।
  • सूर्य का अर्थ है सर्व प्रेरक, सर्व प्रकाशक, सबका आरम्भक और सबका कल्याण करने वाला।

 

हनुमान जी का यह मंत्र बनेगा मुश्किल घड़ी में आपका कवच

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  • हनुमान जी की उपासना को अचूक माना गया है।
  • बजरंगबली अत्यंत अद्धुत शक्तियों व गुणों के स्वामी होने से ही वे इस संसार में जाग्रत देवता के रूप में पूजनीय हैं।
  • इसलिए किसी भी वक्त हनुमान की भक्ति संकटमोचन मानी गई है। 

इस्कॉन नोएडा में गौर पूर्णिमा और खेली गई फूलों की होली

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इस्कॉन नोएडा में चैतन्य महाप्रभु का आविर्भाव दिवस, गौर पूर्णिमा का उत्सव बड़े धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर त्रिदिवसीय गौर कथा का आयोजन किया गया था। कथा का प्रारम्भ दिनांक 28 फरवरी को हुआ।

जय बाबा बर्फानी: अमरनाथ यात्रा के लिए पंजीकरण आज से शुरू, जानें गुफा का रहस्य

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  • इस साल अमरनाथ यात्रा 28 जून से शुरू होगी, इस यात्रा के लिए पंजीकरण कल से यानी 1 मार्च से शुरू हो रहे हैं
  • इस गुफा की खोज बूटा मलिक नाम के एक मुस्लिम ने की थी, एक दिन भेड़ें चराते-चराते बहुत दूर निकल गया
  • उसी समय वह साधु का धन्यवाद करने के लिए गया परन्तु वहां साधु को न पाकर एक विशाल गुफा को देखा
  • अमरनाथ की गुफा का महत्व सिर्फ इसलिए नहीं है कि यहां बर्फ से प्राकृतिक शिवलिंग का निर्माण होता है
  • अमरनाथ की गुफाका महत्व सिर्फ इसलिए नहीं है कि यहां बर्फ से प्राकृतिक शिवलिंग का निर्माण होता है

Holi 2018: भद्रा के बाद करें होलिका दहन, जानें शुभ मुहूर्त का सही समय

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  • इसके अलावा होलिका दहन के लिए पूजा भी दोपहर में 12.08 से 12.54 तक की जा सकती है
  • शास्त्रों की मानें तो पूर्णिमा के दिन ही होलिका दहन किया जाता है
  • इस बार 1 मार्च को सुबह 8 बजे से पूर्णिमा तिथि लग रही है, लेकिन पूर्णिमा के साथ भ्रद्रा भी लग रहे हैं
  • फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को होली का पर्व मनाया जाता है
  • राहुकाल दोपहर 1.56 मिनट से 3.24 मिनट दिन तक रहेगा

मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए होलिका दहन पर करें सरसों का ये उपाय

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  • यही नहीं होली पर ये विशेष उपाय आपके भाग्य में और आर्थिक उन्नति में वृद्धि कर सकते हैं
  • होलिका दहन के बाद सरसों के इस उपाय से जिंदगी में बीमारियों से भी मुक्ति मिलती है
  • कहा जाता है कि होलिका दहन के समय किए गए ये विशेष उपाय आपको जीवन में खुशियां ला सकते हैं
  • दहन के समय घर से सरसों के कुछ दाने लाएं और उन्हें होलिका दहन के समय होली में समर्पित करें

प्रभु भक्ति का रंग लगा के, जीवन को बनाएं सफ़ल

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  • मनोरंजन से भरी होली भी आत्म-मंथन के गीत गाती है
  • हमारे त्योहारों में ऋषि-मनीषियों का दिव्य चिंतन छिपा है
  • वैदिक काल में विश्वदेव-पूजन के रूप में मनाया जाता था

होली मनाने के इन तरीकों को जानने के बाद आप भी हो जाएंगे हैरान

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  • भारत को त्योहारों का देश माना जाता है। अनेकता में एकता की खूबी रखने वाले भारत में रोज़ कोई न कोई त्योहार या उत्सव मनाया जाता है।
  • यहां एक त्योहार ऐसा भी जिसे खास तौर पर रंगों का त्योहार कहा जाता है और वह है होली।
  • वैसे तो होली में अभी एक हफ्ते से ज्यादा का वक्त है। लेकिन होली का रंग लोगों पर चढ़ने लगा है।

 

यहां जानिए ग्रहों के राजा सूर्य देव के जन्म की पौराणिक कथाएं

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  • शास्त्रों और पुराणों में भगवान सूर्य और चंद्र को इस सृष्टि पर जागृत अवस्था में माना गया है।
  • ये ऐसे देव हैं जो इस समस्त जगत को प्रकाशमान करने के लिए साक्षात उपस्थित हैं।
  • सूर्य को रोजाना जल चढ़ या अर्घ्य देने वाला व्यक्ति आरोग्य को प्राप्त करता है।
  • सूर्य से ही पृथ्वी पर जीवन है। वैदिक काल से देश में सूर्योपासना का महत्व रहा है।
  • ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य का नवग्रहों में सर्वोच्च स्थान है और उन्हें सभी ग्रहों का राजा बताया गया है।

गुरूवार को इन 5 मंत्रों का जाप अवश्य करें, बृहस्‍पतिदेव की होगी विशेष कृपा

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  • गुरूवार को बृहस्पति जी की पूजा होती है है जिनको देवताओं के गुरु की पदवी प्रदान की गई है
  • जिसमें सभी सुख सुविधाएं संपन्न हैं, उस रथ में वायु वेग वाले पीतवर्णी आठ घोड़े तत्पर रहते हैं
  • जिनमें से ज्येष्ठ पत्नी का नाम शुभा, कनिष्ठ का तारा या तारका तथा तीसरी का नाम ममता है
  • जिनके नाम इस प्रकार से हैं, भानुमती, राका, अर्चिष्मती, महामती, महिष्मती, सिनीवाली और हविष्मती
  • महाभारत के आदिपर्व में उल्लेख के अनुसार, बृहस्पति महर्षि अंगिरा के पुत्र तथा देवताओं के पुरोहित हैं

महाशिवरात्री व्रत आज और कल भी , इन उपायो से चमकेगी किस्मत

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  • रात 10:22 बजे के बाद चतुर्दशी तिथि लग जाएगी जो अगले दिन 14 फरवरी की रात 12:17 बजे तक रहेगी
  • यदि विवाह में अड़चन आ रही है तो शिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर केसर मिला कर दूध चढ़ाएं
  • 14 को व्रत रखने वाले को 14 तारीख की शाम को ही चतुर्दशी तिथि में पारण करना होगा
  • चतुर्दशी तिथि के महत्त्व ज्यादा होने के कारण 13 को ही महाशिवरात्रि व्रत करना ज्यादा ठीक होगा
  • मनोकामना पूर्ति के लिए: शिवरात्रि पर 21 बिल्व पत्रों पर चंदन से ॐ नम: शिवाय लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाएं

महाशिवरात्री 2018: व्रत वाले दिन भूलकर भी ना करें ये 12 काम!

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  • इसलिए शिवरात्रि के दिन और पूजा में कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है
  • महाशिवरात्रि हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है, यह भगवान शिव के पूजन का सबसे बड़ा पर्व भी है
  • इस दिन सुबह देर तक नहीं सोना चाहिए, जल्दी उठ जाएं और बिना स्नान किए कुछ भी ना खाएं
  • प्रारंभ में इसी दिन मध्यरात्रि को भगवान शंकर का ब्रह्मा से रुद्र के रूप में अवतरण हुआ था
  • सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लेना चाहिए और गर्म पानी से शरीर की सारी अशुद्धि दूर करनी चाहिए

महाशिवरात्री पर ऐसे रखेंगे व्रत तो जरूर होगी मनोकामना पूरी

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  • इस दिन श्रद्धालु गंगा-स्नान या अन्य पवित्र नदियों-सरोवरों आदि में स्नान करते हैं
  • शिवरात्रि का यह महापर्व न केवल भारत बल्कि विदेशों में भी मनाया जाता है
  • भोले को प्रसन्‍न करने के लिए व्रत रखते हैं शिवलिंग पर जल, दूध और धतूरा आदि चढ़ाते हैं
  • जलाभिषेक, बेल-पत्र, भांग, धतूरा, पुष्प और अन्य फूल सहित फल-मिष्टान्न चढ़ाया जाता है
  • इस दिन अधिकतर राज्‍यों के अलग-अलग नगरों में शिवविवाह की बारात निकाली जाती हैं

एक साधक के लिए आध्यात्मिक उन्नति का पर्व है महाशिवरात्रि

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  • महाशिवरात्रि पर ऐसे करें शिव-तत्त्व की शाश्वत उपासना
  • भक्त उपवास रखते हैं व पूजा में फल-फूल अर्पित करते हैं

रुद्राक्ष धारण करें और शनिदोष से पाएं मुक्ति

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  • रूद्राक्ष का एक अर्थ है रूद्र यानी शिव की आंख या आंख के आंसू।
  • इनमें एक अनोखा स्पंदन होता है, साधक की ऊर्जा को सुरक्षित कर देता है। 
  • अगर शनि पीड़ादायक हो तो जीवन में संघर्ष की मात्रा बढ़ जाती है.
  • रुद्राक्ष को कलाई, गला और हृदय पर धारण किया जा सकता है.

सोमवार को ही क्यों की जाती है शिव की पूजा

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  • सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा करने का ज्यादा महत्‍व रहता है।
  • पुरातन काल से ही लोग इस दिन शिव की पूजा करते आए हैं।
  • सोमवार को भगवान शिव की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
  • इस दिन भगवान शिव की आराधना का अर्थ है चंद्रदेव को भी प्रसन्‍न करना।

शिव के प्रिय बेलपत्र के इन चमत्कारी गुणों से आप क्यों हैं अंजान

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  • शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करने से प्रसन्न होते हैं महादेव।
  • बेल के पेड़ की पत्तियों को बेलपत्र कहते हैं।
  • भगवान शिव की पूजा में बेलपत्र प्रयोग होते हैं।
  • बेलपत्र के प्रयोग से कैसे भरेगी सूनी गोद?

महाशिवरात्रि कि रात्र इतनी महत्वपुर्ण क्यों है

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  • आध्यात्मिक मार्ग पर चलने वाले लोगों के लिए महाशिवरात्रि का त्यौहार बहुत महत्वपूर्ण है।
  • गृहस्थ जीवन में रहने वाले लोग महाशिवरात्रि को शिव की विवाह वर्षगांठ के रूप में मनाते हैं। 
  • एक कैलेंडर वर्ष में आने वाली बारह शिवरात्रियों में से फरवरी-मार्च में आने वाली महाशिवरात्रि आध्यात्मिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण है।
  • हर चंद्र माह के चौदहवें दिन या अमावस्या से एक दिन पहले शिवरात्रि होती है। 

Shivratri 2018 गले में सर्प माला और सिर पर चांद का ताज, शिव के हर आभुषण का है अपना का एक राज

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  • शिव के स्वरूप का विशिष्ट प्रभाव अपनी अलग-अलग प्रकृति को दर्शाता है।
  • यह अपने स्थिर तथा एकाग्रता सहित सुनियोजित चरणबद्ध स्थिति को दर्शाता है।
  • मृगासन या मृगछाला के आसन को ही अपनी साधना के लिए श्रेष्ठ मानते हैं।
  • ऐसी अवस्था में प्राणी अपने यथायोग्य श्रेष्ठ विचारों को पल्लवित करते हुए सृष्टि के कल्याण में आगे बढ़े।

महादेव की आध्यात्मिक बातें खोल देंगी आपकी आंखें

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  • शिव ही संसार में जीव चेतना का संचार करते हैं।
  • ये अनादि परमेश्वर हैं और आगम-निगम आदि शास्त्रों के अधिष्ठाता हैं।
  • शिव ही एकमात्र ऐसे देव हैं, जो संसार का प्रबंधन संभालते हैं।
  • शिव के स्वरूप में समाया सारा संसार

36 साल के बाद एशिया में दिखाई देगा ब्‍लू मून, आपकी राशि पर क्‍या पड़ेगा इसका असर

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  • इस बार ब्लू सुपरमून की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह समान्य से 14 फीसद ज्यादा चमकीला दिखेगा।
  • इस दौरान चंद्रमा पृथ्वी की छाया से पूरी तरह ढक ली जाती है, मगर पृथ्वी के बाह्य वायुमंडल से गुजरने वाले सूर्य के प्रकाश अपने अलग अलग कंपोनेंट्स वाले रंगों में टूट जाते हैं।
  • इस महीने में पहली पुर्णिमा 1 जनवरी को थी, दूसरी पुर्णिमा 31 जनवरी को होगी।
  • भारतीय समयनुसार भारत मे लोग शाम 5.18 बजे से 6.21 बजे तक हम सुपर ब्लूमून का दीदार कर सकते हैं।

चंद्रग्रहण 31 जनवरी, शाम 5 बजकर 18 मिनट पर शुरू होगा ग्रहण, जानिए कब तक रहेगा इसका असर

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आज बुधवार को साल का पहला चंद्रग्रहण लगने जा रहा है। शाम को लगने वाले इस ग्रहण वाला यह ग्रहण करीब साड़े तीन घंटे तक रहेगा। हिंदू धर्म के अनुसार इस तरह का चंद्र ग्रहण हिंदू धर्म के अनुसार काफी महत्‍वपूर्ण माना जाता है। ज्‍योतिषाचार्य के अनुसार इस तरह के ग्रहण के बिल्‍कुल भी शुभ नहीं माना जाता है।

31 जनवरी को इस वजह से 6 घंटे बंद रहेंगे काशी विश्वनाथ के पट

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  • इस बार चन्द ग्रहण 31 जनवरी को लगने को है। 31 जनवरी को हम हिन्दी दिन के अनुसार माघ पूर्णिमा के नाम से भी जानते है, 
  • ऐसा सुतक लगने की वजह से होगा
  • आपको बता दे की काशी विश्वनाथ मंदिर वही मंदिर है जो सन् 2010 मे आतंकवादियों के निशाने पर आया था।
  • काशी विश्वनाथ मंदिर देश के ऐतिहासिक मंदिरो में से एक मानी जाती है।

वसंत पंचमी से जुड़ी छात्र जीवन की यादें एवं कुछ अनजाने तथ्य

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  • आज दोपहर 12.28 बजे से कल दोपहर 12.38 बजे तक वसंत पंचमी का शुभ समय शुरु है
  • इसे छात्रों का त्यौहार कहा जाये तो अतिशयोक्ति नही होगी।
  • इस दिन सभी जन पीले वस्त्र धारण करते हैं,मां सरस्वती को पीले फूल चढ़ाते हैं
  • भारत में वसंत पंचमी को श्रृतु त्यौहार का संदेशक कहा जाता है
  • ब्रहमा विवर्ता पुराण के अनुसार है भगवान कृष्ण ने माता सरस्वती को वरदान दिया था कि वसंत पंचंमी के दिन उनकी पुजा की जाएगी।

बसंत पंचमी एवं सरस्‍वती पूजन का जानिए महत्‍व

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  • देवी सरस्वती हमारी बुद्धि की जड़ता को नष्ट कर उसे विवेक प्रदान करती है 
  • बसंत पंचमी को 'श्री पंचमी' या 'विद्या जयंती' भी कहा गया
  • देवी सरस्वती का प्राकट्य जीवन में पूर्ण सुविद्या का प्रकटीकरण
  • माँ सरस्वती हमारी चेतना में परिवर्तन को जागृत करती है
  • विवेक प्रदायनी माँ सरस्वती सुविद्या का प्रकटीकरण

नोएडा के सेक्टर 19 में मनाया गया 30वां प्राण प्रतिष्ठा दिवस

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  • सनातन धर्म मंदिर सेक्टर 19, नोएडा मेस्थापित मूर्तियों की 30वां प्राण प्रतिष्ठा दिवस मनाया गया। 5 जुलाई 1984 को इस मंदिर का भूमि पूजन किया गया था
  • 8 जनवरी 1989 को प्राण प्रतिष्ठा की गई थी
  • इस संस्था के संरक्षक डा. महेश शर्मा जो आज भारत सरकार में केन्द्रीय मंत्री है। उनका और समाज के विभिन्न संगठनों का और उद्योगपति एवं भक्तों का पूर्ण सहयोग इस मंदिर के आयोजन में रहता है

मकर संक्रांति का भगवान कृष्ण से क्या है कनेक्शन, जानिए

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  • मकर सक्रान्ति के बारे में जब सोचते हैं तो दो बातों पर ध्यान देना चाहिए। एक है मकर दूसरा है सक्रान्ति मकर एक राशि का नाम है
  • राशि से यहां तात्पर्य है प्रभामंडल से है। हिंदू धर्म में राशियों में बांटा गया है। साथ ही राशियों को 12 राशियों में बांटा गया है 
  • कई लोगों का मानना है कि ये वैदिक परम्परा है , लेकिन वेदों में कहीँ इनका उल्लेख नहीं हैं
  • हम सूर्य देवता को याद कर ये त्योहार मनाते हैं । समय के अनुसार इस समय सूर्य देवता का धरती पर असरज्यादा होता है

नोएडा वासियों पर कृपा बरसाने 27 को सड़क पर निकलेंगे भगवान जगन्नाथ

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  • वैदिक साहित्य को बढ़ावा देने के लिए वैदिक विज़डम प्रतियोगिता का आयोजन
  • इस्कॉन नोएडा इस प्रतियोगिता का आयोजन पिछले 13 वर्षों से करता आ रहा है
  • वैदिक विज़डम प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे दिल्ली-एनसीआर के पांच सौ छात्र-छात्राएं

श्री आशुतोष महाराज जी के मार्ग दर्शन में हो रहा समाज निर्माण - साध्वी आस्था भारती

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  • धर्म प्रदर्शन नहीं अपितु दर्शन का विषय - साध्वी आस्था भारती
  • संस्थान में हजारों युवा समाज कल्याण हेतु समर्पित - साध्वी आस्था भारती
  • विश्व शांति स्थापित करने हेतु हजारों युवा तैयार - साध्वी आस्था भारती
  • संस्थान द्वारा अनेकों आध्यात्मिक व सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से हो रहा समाज निर्माण
  • मानव का उत्थान केवल पूर्ण गुरु द्वारा संभव - साध्वी आस्था भारती

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