भारतीय मूल के वैज्ञानिक ने ब्रेस्ट कैंसर के इलाज के लिए नई दवाई खोजने का किया दावा

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भारतीय मूल के वैज्ञानिक ने ब्रेस्ट कैंसर के इलाज के लिए नई दवाई खोजने का किया दावा

Author J2m National Desk    New Delhi, Delhi, India 537


नई दिल्ली।  इन दिनों महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामले तेज़ी से बढ़ रहे है। लेकिन इसके इतर एक अमेरिकी वैज्ञानिकों ने इसके दवाई के खोज का दावा किया है। इन वैज्ञानिको में एक भारतीय-अमेरिकी शोधकर्ता भी शामिल है। 

वैज्ञानिकों ने एक अणु की पहचान की है जो स्तन कैंसर के इलाज में मदद कर सकती है, यह अणु पारंपरिक उपचारों के प्रतिरोधी एक आशा की किरण बन सकती है। 

शोधकर्ताओं के अनुसार यह अणु एस्ट्रोजन-संवेदनशील स्तन कैंसर को एक नए ढंग से रोकता है। यह एक अनोखे मैकेनिज्म की तरह काम करता है। जो ट्यूमर कोशिकाओं के एस्ट्रोजेन रिसेप्टर पर प्रोटीन को टारगेट करता है।

 टेक्सास साउथवेस्टर्न विश्वविद्यालय (यूटी साउथवेस्टर्न) सिमन्स कैंसर सेंटर के प्रोफेसर गणेश राज ने कहा, "यह एस्ट्रोजन-रिसेप्टर-पॉजिटिव स्तन कैंसर के लिए एजेंटों की एक नई श्रेणी है।

उन्होंने कहा कि,  इन कैंसर को अक्सर टर्मॉक्सिफेन जैसे हार्मोन थेरेपी के साथ प्रभावी रूप से इलाज किया जा सकता है, लेकिन इन कैंसर का एक तिहाई आखिर में  प्रतिरोधी बन जाता है,

वहीं हैदराबाद के राष्ट्रीय औषधीय शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (NIPER) के वैज्ञानिकों ने इस बात की पुष्टि की है कि नीम की पत्तियों और फूल में पाए जाने वाले तत्व निमबोलिड से ब्रेस्‍ट कैंसर का इलाज किया जा सकता है।
 

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