त्योहार सीजन से पहले गोल्ड बॉन्ड लेकर आई सरकार, निवेश का सुनहरा मौका

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त्योहार सीजन से पहले गोल्ड बॉन्ड लेकर आई सरकार, निवेश का सुनहरा मौका

Author J2M Business Desk    New Delhi 145

नई दिल्ली। फेस्टिव सीजन से पहले मोदी सरकार गोल्ड में निवेश की शानदार स्कीम लेकर सामने आई है। सरकार की इस स्कीम में गोल्ड पर पैसा लगाने पर आपको ब्याज भी मिलेंगे। शेयर बाजार में बढ़ती अनिश्चिचतता के बीच सरकार की यह स्कीम खुदरा निवेशकों के लिए निवेश का शानदार विकल्प साबित हो सकती है।

वित्त मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि सरकार सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) स्कीम 2018-19 के जरिए अक्टूबर 2019 से लेकर फरवरी 2019 के बीच हर महीने गोल्ड बॉन्ड जारी करेगी।

क्या होता है एसजीबी एसजीबी में निवेशकों को गोल्ड में पैसा लगाने का मौका मिलता है लेकिन उन्हें इसके लिए उन्हें फिजिकल फॉर्म में गोल्ड रखने की जरूरत नहीं होती। स्कीम में निवेशकों को प्रति यूनिट गोल्ड में निवेश का मौका मिलता है, जिसकी कीमत इस बुलियन के बाजार मूल्य से जुड़ी होती है। बॉन्ड के मैच्योर होने पर इसे नकदी में भुनाया जा सकता है।

इस योजना को 2015 में शुरू किया गया था, जिसका मकसद सोने की भौतिक मांग में कमी लाना होता है। साथ ही इस गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने के दौरान आपको टैक्स में भी छूट मिल सकती है। गोल्ड बॉन्ड भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) जारी करता है।

कहां से खरीदे बॉन्ड खुदरा निवेशक बैंक, चुनिंदा पोस्ट ऑफिसेज और स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई एवं एनएसई) से इसकी खरीदारी कर सकते हैं। इस बॉन्ड में कोई व्यक्ति, एचयूएफ, ट्रस्ट्स, यूनिवर्सिटीज या फिर चैरिटी करने वाले संस्थान पैसा लगा सकते हैं।

क्या हो न्यूनतम निवेश न्यूनमत निवेश की सीमा कम से कम एक ग्राम गोल्ड की खरीदारी है वहीं अधिकतम कोई व्यक्ति 4 किलो तक सोना खरीद सकता है। जबकि ट्रस्ट जैसे संस्थान के लिए निवेश की मात्रा 20 किलो सालाना है।

क्या है मैच्योरिटी पीरियड इस बॉन्ड में निवेशकों को कम से कम 8 सालों के लिए निवेश करना होगा। हालांकि निवेशकों को पांचवें, छठें और सातवें साल में इसे भुनाने का मौका मिल सकता है।

टैक्स में छूट एसजीबी में पैसा लगाने वाले निवेशकों को ब्याज से होने वाली आय आयकर की धारा 43 के तहत टैक्सेबल है लेकिन निजी व्यक्तियों को इससे होने वाले कैपिटल गेंस से छूट मिली हुई है। गौरतलब है कि इक्विटी मार्केट में होने वाली उठापटक और अनिश्चितता की स्थिति में निवेशक बुलियन में निवेश को अपेक्षाकृत सुरक्षित विकल्प मानते हैं।

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